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RBL Bank Share News: आरबीएल बैंक के शेयरो ने मारी भारी उछाल, 3 दिन में 25 फीसदी का आया हाई जम्प

By: ABP Live | Updated at : 25 Aug 2022 10:42 PM (IST)

Edited By: Sandeep

RBL Bank Share Price Today : यूएस रिटायरमेंट फंड कॉलेज रिटायरमेंट इक्विटी फंड (College Retirement Equity Fund) द्वारा आरबीएल बैंक (RBL Bank) में हिस्सेदारी खरीदने के बाद बैंक का शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट अब पॉजिटिव हो गया है. इसी कारण शेयर बाजार में काफी तेजी देखने को मिली है. 25 अगस्त को यह स्टॉक 129.75 रुपये पर क्लोज हुआ है.

रॉकेट की तरह गया शेयर
आरबीएल (RBL) बैंक का शेयर गुरुवार को 132.75 रुपये का इंट्राडे हाई बनाया, यानि कल के मुकाबले आज 7 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया. इस आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? तरह 3 दिनों में यह शेयर 25 फीसदी से अधिक ऊपर आ चुका है. आखिर आरबीएल बैंक में ऐसा क्या हुआ है कि इसके शेयर रॉकेट बन गए हैं.

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HELLO FRIENDS आज आप जानेंगे एक ऐसा टेक्निकल इंडिकेटर के बारे में जिसके बिना स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग करना लग भाग सम्भब नहीं है। यह इंडिकेटर इनता महत्वा रखता है की आप सोच भी नहीं पाएंगे ये इतना महत्वपूर्ण है क्यों की ये टेक्निकल इंडिकेटर ट्रैंड बताती है कोई शेयर बुलिश ट्रैंड है या बेयरिश ट्रैंड है और यह टेक्निकल इंडिकेटर है मूविंग एवरेज (MOVING AVERAGE) मूविंग एवरेज मतलब पिछले दिनके आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? शेयर की दाम को एक एवरेज में बताना। उदाहण के स्वरुप मान लीजिये आज टाटा स्टील कंपनी की शेयर की दाम 500 रूपया है और यह शेयर की दाम इसे ऊपर जायेगा या नीचे कैसे पत्ता करे यहां से आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? अंदाज़ लगाना सुरु हो जाती है अगर शेयर की प्राइस पिछले 20 दिनों की प्राइस से ऊपर है या नीचे। अगर ऊपर है तो हो सकता है ऊपर जाये अगर नीचे है तो हो सकता प्राइस नीचे जाये यही एवरेज आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? प्राइस को मूविंग एवरेज बताती है जिसे हमें पता चले शेयर की प्राइस 20 मूविंग एवरेज से ऊपर है या नीचे। मूविंग एवरेज 20 से ऊपर है मतलब अभी शेयर की प्राइस पिछले 20 दिन के प्राइस से ऊपर है और यह शेयर ऊपर जा सकती है। ऐसे ही हर कोई ट्रेडर अलग अलग दिनों की एवरेज प्राइस निकल के ट्रेड करते हैं। जैसे 50 ,आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? 100 ,150 ,200 दिनों की एवरेज निकल ते हैं। यहाँ पर ध्यान रखने बाली बिषय है एक महीना में 30 -31 दिन होते हैं लेकिन ट्रेडिंग दिन लगभग 22 दिन क्यों की शनिबार और रबिबार शेयर मार्किट छूटी रहती है फिर हर महीना कोई भी तेव्हार के बजाये से 1 -2 दिन छूटी आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? रहती है ऐसे में हमलोग एक महीना में लग भाग 20 ट्रेडिंग डे की एवरेज लेते हैं। इसलिए 20 मूविंग एवरेज को हम एक महीना की ट्रेड लेके चलेंगे ऐसे ही आप लोग कैलकुलेशन करेंगे। 5 मूविंग एवरेज मतलब एक हपता की ट्रेडिंग दिन 50 मूविंग एवरेज मतलब 2.5 महीना की ट्रेडिंग दिन।
मूविंग एवरेज यानि सिंपल मूविंग एवरेज जिसे हर कोई SMA के नाम से जानते हैं। आप देखेंगे 20 SMA ,50 SMA बहुत सरे जगह पर बताये हुए। 20 SMA मतलब 20 दिनों की एवरेज प्राइस 50 SMA मतलब 50 दिनों की एवरेज प्राइस को बताया जाता है। सिंपल मूविंग एवरेज आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? एक लेगिंग इंडिकेटर है इसका मतलब पहले प्राइस एक्शन हो जाने के बाद आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? ये इंडिकेटर इंडीकेट करती है मतलब बताती है। मूविंग एवरेज को शेयर सिलेक्शन के लिए इस्तिमाल होती है और लाइव मार्किट में शेयर प्राइस की ट्रैंड जानने के लिए इस्तिमाल करते हैं।

अडानी ग्रुप को पड़ा भारी यह फैसला,अचानक शेयर बेचने लग गए निवेशक

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Adani Group Share: अडानी ग्रुप (Adani group) की खाद्य तेल कंपनी अडानी विल्मर के शेयरों में मंगलवार के कारोबार में 3% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। अडानी विल्मर का शेयर सोमवार के 623.30 रुपये बंद के मुकाबले आज 3.42 प्रतिशत गिरकर 602 रुपये पर आ गया था। अडानी विल्मर ने 20-दिन, 100-दिन और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से आप 200 दिन मूविंग एवरेज की गणना कैसे करते हैं? अधिक लेकिन 5-दिवसीय और 50-दिवसीय मूविंग एवरेज से कम कारोबार किया। हालांकि, बाद में कुछ सुधार नजर आया। दरअसल, अडानी विल्मर ने खाने का तेल 30 रुपये तक सस्ता करने का ऐलान किया, जिसके बाद कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए।

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शेयर बाजार पर दिखने लगा महंगे कर्ज का असर, नवंबर के बाद रहा सबसे खराब हफ्ता

शेयर बाजार पर दिखने लगा महंगे कर्ज का असर, नवंबर के बाद रहा सबसे खराब हफ्ता

जिस हफ्ते में RBI ने ब्याज दरें बढ़ाईं, वह शेयर बाजार में गिरावट के लिहाज से नवंबर के बाद सबसे खराब हफ्ता रहा है.


महंगाई (Inflation) को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank) ने कर्ज (Loan) महंगा कर दिया. कर्ज केवल भारत में ही महंगा नहीं हुआ बल्कि अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में महंगाई काबू करने के लिए यह नुस्खा अपनाया जा रहा है. महंगाई अब ग्लोबल चिंता है. खैर बाजार से नकदी सोखने का महंगाई पर कितना असर होगा, यह तो आने वाले महीनों में पता चलेगा. लेकिन महंगे कर्ज का तत्काल असर शेयर बाजार पर दिखने लगा है. जिस हफ्ते में RBI ने ब्याज दरें बढ़ाईं, वह शेयर बाजार में गिरावट के लिहाज से नवंबर के बाद सबसे खराब हफ्ता रहा है. सेंसेक्स निफ्टी में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. यह गिरावट पहले से भी जारी थी.

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